UPSC और Reservation पर Supreme Court का Clear Stand

Prabhash Bahadur civil services mentor
Prabhash Bahadur Civil Services Mentor

आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच Supreme Court of India ने UPSC परीक्षा से जुड़े एक अहम मामले में स्पष्ट और निर्णायक फैसला सुनाया है।
शीर्ष अदालत ने कहा है कि अगर किसी उम्मीदवार ने UPSC परीक्षा के किसी भी चरण में आरक्षण का लाभ लिया है, तो वह General Category की सीट पर नियुक्ति का हकदार नहीं होगा।

यह टिप्पणी न सिर्फ Civil Services Aspirants, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

मामला क्या था? | What Was the Case

Supreme Court में यह मामला Indian Forest Service (IFS) की नियुक्ति से जुड़ा था। एक अनुसूचित जाति (SC) के उम्मीदवार ने IFS के Unreserved Cadre में नियुक्ति की मांग की थी।

तथ्य ये हैं, उम्मीदवार ने Preliminary Exam में Reservation का लाभ लिया। Final Merit List में जी. किरण (Reserved Category) – Rank 19, एंटनी (General Category) – Rank 37, लेकिन Karnataka Cadre Allocation के दौरान General Insider की केवल 1 Vacancy थी। SC Insider की कोई Vacancy नहीं थी।

High Court बनाम Supreme Court

Karnataka High Court ने यह कहते हुए SC उम्मीदवार को General Seat देने का आदेश दिया था कि “Final Rank General Candidate से बेहतर है” लेकिन Supreme Court ने इस तर्क को खारिज कर दिया।

Supreme Court का अहम Observation

Justice J. K. Maheshwari और Vijay Bishnoi की Bench ने साफ कहा-

“जिस उम्मीदवार ने Preliminary Stage पर Reservation का लाभ लिया है, वह General Category की सीट पर Appointment का दावा नहीं कर सकता।”

Supreme Court ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए Karnataka High Court के फैसले को रद्द कर दिया।

सिस्टम को साफ संदेश

Reservation कोई Switch Button नहीं है, जो जरूरत पड़ने पर ऑन-ऑफ हो जाए। Merit और Reservation – दोनों के Rule अलग-अलग हैं। Convenience के हिसाब से Category बदलना अब Judicially बंद।

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